Search This Blog

Wednesday, July 8, 2015

KYA KAHATA HAI BHARAT क्या कहता है भारत

This is the poem I composed just before the cultural night in germany and recited it there and then .....
(english words and abbrivations used in the poem ALEP 2 ....Action learning and Exposure prograame 2, Shabby - Ugly )

Title : KYA KAHATA HAI BHARAT क्या कहता है भारत

अलेप (ALEP2) २ के सितारे

जर्मनी आ पहुंचे सारे


मेरे दोस्तो रुको तो ज़रा


मुड़ के देखो पीछे


……कितनी बस्तियां छोड़ आये हैं हम


दूर उस आसमां के नीचे


मेरा भारत



अभी भी खड़ा मुस्कुराता है


और यहाँ....


जर्मनी ...


अंपने स्टाइल में खड़ा इठलाता है


सुनो तो
क्या कहता है भारत...

.
क्या सीख कर लाओगे वहां से मेरे बच्चो


तुम अपना ध्यान तो न भटकाओगे मन के अच्छो


हो सकता है


यहाँ आकर मैं तुम्हे शैबि (shabby) लगूं


क्या कुछ कर पाओगे


मुझे स्टाइलिश बनाओगे


गुरु तो था पर.......

.
बूढ़ा और आउटडेटिड हो गया हूँ


शायद तुम अब तो मेरा दर्द जान पाओगे


अगर सही से सीख जाओगे


तो ही मेरा कायाकल्प करवा पाओगे .....Siddhartha

No comments:

Post a Comment